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अकबर द्वारा निर्मित प्रमुख इमारत

________________________________ ❎❎अकबर द्वारा निर्मित प्रमुख इमारत❎❎ ________________________________ दोस्तों मुग़लकालीन वास्तुकला में फ़ारस, तुर्की, मध्य एशिया, गुजरात, बंगाल,जौनपुर आदि स्थानों की शैलियों का अनोखा मिश्रण हैं। ➡️स्थापत्य विशेषता-मुग़ल काल में वास्तुकला के क्षेत्र में पहली बार ‘आकार’ एवं डिजाइन की विविधता का प्रयोग तथा निर्माण की साम्रगी के रूप में पत्थर के अलावा पलस्तर एवं गचकारी का प्रयोग किया गया। सजावट के क्षेत्र में संगमरमर पर जवाहरात से की गयी जड़ावट का प्रयोग भी इस काल की एक विशेषता थी। सजावट के लिए पत्थरों को काट कर फूल पत्ते, बेलबूटे को सफ़ेद संगमरमर में जड़ा जाता था। इस काल में बनने वाले गुम्बदों एवं बुर्जों को ‘कलश’ से सजाया जाता था। ➡️स्थापत्य काल-1525 ई. –1857 ई. लगभग ➡️प्रमुख शासक-बाबर, हुमायूँ, अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ ➡️प्रमुख इमारत-ताजमहल, हुमायूँ का मक़बरा, सिकंदरा, बुलंद दरवाज़ा,बीबी का मक़बरा,लाल क़िला, पंचमहल, जहाँगीरी महल, एतमादुद्दौला का मक़बरा, जामा मस्जिद दिल्ली आदि ➡️अन्य जानकारी-पर्सी ब्राउन ने ‘मुग़ल काल’ को भारतीय वास्तुकला का ग्रीष्म काल माना है, जो प्रकाश और उर्वरा का प्रतीक माना जाता है। ➡️स्मिथ ने मुग़लकालीन वास्तुकला को कला की रानी कहा है। ________________________________ ________________________________ दोस्तों जैसा कि आप जानते हैं जलाल-उद-दीन-अकबर मुगल साम्राज्य के दौरान महान शासकों में से एक था। जिसने अपने शासन के दौरान कई युद्ध लड़े और जीते भी। अपने शासनकाल के दौरान अकबर ने कई महान काम किये हैं, जिसे हम किताबों में भी पढ़ते हैं, साथ ही अकबर ने अपने शासन काल में कई बेहतरीन वास्तुकला की इमारतें बनवाई, जो आज भी लोगों को हैरान करती है। अकबर के साम्राज्य के दौरान बनी इमारते, सभी मुगल शैली के रूप में निर्मित है। इतना ही नहीं अकबर के बेटे शाहजहां ने भी ताजमहल जैसी खूबसूरत इमारत बनाई है,जो आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। लेकिन आज मैं आपको अपने इस पोस्ट में शाहजहां के बारे में नहीं बल्कि अकबर के द्वारा निर्मित इमारतों के बारे संक्षिप्त जानकारी दूंगा। .. ________________________________ ________________________________ ❎आगरा किला❎ ☑️वर्ष 1638 तक आगरा मुगलों की राजधानी थी, और आगरा का भव्य किला अकबर का निवास स्थल। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर में शामिल आगरा किला को उसके लाल रंग के चलते इसे लाल किला भी कहते हैं।ताजमलह के बाद यह आगरा का दूसरा विश्व धरोहर स्थल है। इसका निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने 1565 में करवाया था। इस किले को बनने में करीब 8 साल लगे थे, और इसे करीबन 4000 मजदूरों ने बनाया था। ________________________________ ________________________________ ❎बुलंद दरवाजा❎ ☑️गुजरात पर अपनी बेहतरीन जीत के बाद अकबर ने बुलंद दरवाजे का निर्माण फतेहपुर सीकरी में कराया था,यह विशाल पत्थर की संरचना पारंपरिक पारसी-मुगल डिज़ाइनों से प्रभावित है। 1601 में गुजरात पर अकबर की जीत को बुलंद दरवाज़े पर उकेरा गया है।बुलंद दरवाज़े पर बना पारसी शिलालेख अकबर के खुले विचारों को दर्शाता है और इतिहासकारों द्वारा अकसर ही यह विविध परंपराओं और संस्कृति के उदाहरण के रूप में उपयोग किया जाता है। बुलंद दरवाज़ा लाल बलुआ पत्थर से निर्मित है जिसके अंदरूनी हिस्सों में सफेद और काले संगमरमर की नक्काशी है। सम्मित योजना और मुंडेर शैली में बनी इस संरचना के ऊपर खंभे और छतरियाँ बनी हैं। ☑️फतेहपुर सीकरी को वर्ष 1986 में एक विश्व विरासत स्थल के रूप में महत्वपूर्ण स्मारकों की सूची के रूप में घोषित किया गया हैं। ________________________________ ________________________________ ❎मरियम-उज़-ज़मानी महल ❎ ☑️मरियम-उज़-ज़मानी महल फतेहपुर सीकरी के मुख्य किला परिसर के भीतर स्थित, एक सुदर मुगल थीम वाला महल है जहाँ अकबर की हिंदू पत्नी-जोधा बाई उर्फ़ हीर कुंवारी, हीरा कुंवारी, हरका बाई रहती थी। अकबर और उसके बेटे जहाँगीर के शासनकाल में यह सत्ता का स्थान था। ऐसा भी माना जाता है कि उसकी मुस्लिम पत्नी का निवास स्थान होने के कारण इस महल को तुर्की सुलताना हाउस के नाम से भी जाना जाता था। हालांकि, यह छोटे आकार के कारण विवादित है। यह महल अपनी शानदार सजावट और पैतृक वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध था। इस संरचना को बनवाने के लिए अकबर ने बहुत सारा पैसा खर्च किया और सबसे अच्छे श्रमिकों को काम पर रखा। ________________________________ ________________________________ ❎अकबर का मकबरा❎ ☑️8 साल में बने इस मकबरे का निर्माण कार्य अकबर के द्वारा 1605 में शुरू करवाया गया था और उनके बेटे जहांगीर ने इसके निर्माण को 1613 में पूरा करवाया। मकबरे का निर्माण संगमरमर और लाल बलुआ पत्थर से किया गया है और इसमें मुस्लिम और हिन्दू वास्तुशिल्प शैली का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है। इसमें प्रयुक्त संगमरमर में खूबसूरत नक्काशी की गई है और इसे आभूषणों से सजाया गया है। इस मकबरे की खासियत इसका दरवाजा है, जिसे बुलंद दरवाजा कहा जाता है। दरवाजे से शुरू होकर एक चौड़ा रास्ता मकबरे तक जाता है। यह दरवाजा एक मेहराब पर बना हुआ है और इसमें संगमरमर से बनी चार मीनारें हैं। देखा जाए तो मकबरे से ज्यादा इसका दरवाजा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। ________________________________ ________________________________ ❎इलाहबाद किला❎ ☑️इलाहाबाद किला का निर्माण 1583 में किया गया था। यह अकबर के द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा किला है। अपने विशिष्ट बनावट, निर्माण और शिल्पकारिता के लिए जाना जाने वाला यह किला गंगा और युमाना के संगम पर स्थित है। इस किले का इस्तेमाल अब भारतीय सेना द्वारा किया जाता है।पार्क में बलुआ पत्थर से बना 10.6 मीटर का विशाल अशोक स्तंभ भी है, जिसके बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण 232 ईसा पूर्व किया गया था। ________________________________ ________________________________ ❎जामा मस्जिद फतेहपुर सीकरी❎ ☑️जामा मस्जिद का निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने करवाया था। मस्जिद का निर्माण 1571 के दौरान पूरा किया गया था।इस मस्जिद का लगभग 5000 श्रमिकों द्वारा निर्माण किया गया था। मुगल साम्राज्य के समय के दौरान और अब भी, फतेहपुर सीकरी परिसर में स्थित जामा मस्जिद पूरे देश में मुसलमानों द्वारा प्रार्थना के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक माना जाता है। जामा मस्जिद को ‘शुक्रवार मस्जिद’ के रूप में भी जाना जाता है। ________________________________ ❎Thank You & Keep Learning with Rishabh Roy ________________________________    

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