Skip to main content

UP. पॉलिथीन पूरी तरह प्रतिबंधित

*_UP. पॉलिथीन पूरी तरह प्रतिबंधित_*
👇👇👇👇
*_राज्यपाल राम नाईक ने 50 माइक्रोन से पतली पॉलिथीन पर रोक के लिए उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश 2018 को मंजूरी दे दी। इसके साथ प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 50 माइक्रोन से पतली पॉलिथीन बनाना और बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित हो गया है। इसके बाद भी इसे बनाते या बेचते हुए कोई पाया गया तो उसे अधिकतम एक लाख रुपये जुर्माना व एक साल की सजा हो सकती है।_*

*_क्या है_*

*_राज्य सरकार ने प्रदेश में 50 माइक्रोन से पतली पॉलिथीन पर कड़ाई के साथ प्रतिबंध लगाने के लिए उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा कचरा (उपयोग और निस्तारण का विनियमन) अधिनियम, 2000 में कई संशोधन करते हुए उसे और कठोर व प्रभावी बनाया गया है। जैविक रूप से नष्ट न होने वाले 50 माइक्रोन से कम मोटाई के प्लास्टिक के थैले, पॉलिथीन, नायलोन, पीबीसी, पॉलीप्रोपाइलिंग, पालीस्ट्रिन व थर्माकोल के प्रयोग तथा उनके पुनर्निमाण, विक्रय, वितरण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, आयात व निर्यात को प्रतबंधित कर दिया गया है।_*
*_इसका कड़ाई से पालन करने के लिए प्रतिबंधों का पहली बार उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्ति को एक माह तक की सजा या न्यूनतम 1000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये तक जुर्माना भरना होगा।_*

*_दूसरी बार इसका उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर छह माह तक कारावास या न्यूनतम 5000 अधिकतम 20,000 रुपये जुर्माना देना होगा।_*
*_इसके अलावा 50 माइक्रोन से पतले प्लास्टिक बैग बेचने, बनाने, बांटने, भंडारण व परिवहन करते हुए पाए जाने के बाद दोषसिद्ध होने पर छह माह तक के कारावास या न्यूनतम 10,000 रुपये और अधिकतम 50,000 रुपये जुर्माना भरना होगा।_*
*_दूसरी बार ऐसा करता हुआ पाए जाने के बाद दोषसद्धि होने पर व्यक्ति को एक साल तक की सजा व न्यूनतम 20,000 रुपये और अधिकतम एक लाख रुपये तक जुर्माना भरना होगा।_*
*_फ्लैशबैक_*
*_उत्तर प्रदेश में पहली बार पॉलिथीन पर नियंत्रण के लिए वर्ष 2000 में अध्यादेश लाया गया था। इसमें जैव प्रदूषित कचरा, प्लास्टिक व उससे बनाई जाने वाली अन्य सामग्रियों जैसे प्लास्टिक बैग एवं पॉलिथीन आदि के प्रयोग एवं उससे पर्यावरण को होने वाले विविध प्रकार के नुकसानों को नियंत्रित करने के लिए इसमें प्रावधान किया गया।_*

*_इस अधिनियम में प्लास्टिक व इससे बनने उत्पादों के निस्तारण के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया। जैविक रूप से नष्ट न होने वाले प्लास्टिक व पॉलिथीन जैसे उत्पादों को निस्तारित करने के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों से राज्य सरकार को अनावश्यक रूप से वित्तीय बोझ भी बढ़ता जा रहा था। इसीलिए नया अध्यादेश लाते हुए इस पर प्रभावी रूप से नियंत्रण की व्यवस्था की गई।_*
*_प्लास्टिक तथा पॉलिथीन जैसे उत्पादों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ जनजीवन के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। पतली पॉलिथीन को सड़कों पर इधर-उधर फेंकने से शहरों में नाले जाम हो रहे हैं। मिट्टी, तालाब, नदियां, वन और अन्य प्राकृतिक स्थान प्रदूषित हो रहे हैं। यह मानव जीवन, पशुओं, जीव-जंतुओं के लिए खतरनाक साबित हो रही है। अत: रोक और प्रभावी बनाने के लिए दंड के साथ जुर्माने की व्यवस्था करते हुए संशोधित अध्यादेश लाया गया है।_*

Comments

Popular posts from this blog

Physical Geography of India (Himalayas, Northern Plains)

Physical Geography of India (Himalayas, Northern Plains) India has vast diversity in physical features. This diversity of landmass is the result of the large landmass of India formed during different geological periods and also due to various geological and geomorphological process that took place in the crust. According to Plate Tectonic theory folding, faulting and volcanic activity are the major processes involved in the creation of physical features of Indian landscape. For example, the formation of the Himalayas in the north of the country attributed to the convergence of Gondwana land with the Eurasian plate. The Northern part of the country has a vast expanse of rugged topography consisting of a series of mountain ranges with varied peaks, beautiful valleys and deep gorges. The Southern part of the country consists of stable table land with highly dissected plateaus, denuded rocks and developed series of scarps. The Great Northern Plains lies between these two landscape...

गांधी जी ..

गांधी जी ☑पूरा नाम:-मोहनदास करमचंद गाँधी ☑ अन्य नाम एवं उपाधियां:-बापू (जवाहरलाल नेहरू) ,महात्मा जी( रविनाथ टैगोर), राष्ट्रपिता( सुभाष चंद्र बोस),मलंग बाबा( कबाइलीयों द्वारा),वन मैन बाउंड्री फ़ोर्स( लॉर्ड माउंटबेटन)। ☑जन्म:-2 अक्तूबर, 1869 ☑जन्म भूमि:-पोरबंदर, गुजरात ☑मृत्यु:-30 जनवरी,1948 ☑मृत्यु स्थान:-नई दिल्ली ☑मृत्यु कारण:-हत्या ☑अभिभावक:-करमचंद गाँधी,पुतलीबाई ☑पति/पत्नी:-कस्तूरबा गाँधी ☑संतान:-हरिलाल,मनिलाल, रामदास,देवदास ☑स्मारक:-राजघाट (दिल्ली),बिरला हाउस (दिल्ली) आदि। ☑नागरिकता:भारतीय ☑पार्टी:-भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस ☑शिक्षा:-बैरिस्टर ☑विद्यालय:-बंबई यूनिवर्सिटी,सामलदास कॉलेज ☑भाषा:-हिन्दी,अंग्रेज़ी,गुजराती ☑पुरस्कार-उपाधि:-राष्ट्रपिता ☑विशेष योगदान:-भारत की स्वतन्त्रता,अहिंसक आन्दोलन, सत्याग्रह। ☑आंदोलन:- ☑चंपारण (1917) ☑खेड़ा सत्याग्रह (1918) ☑अहमदाबाद मजदूर आंदोलन(1918) ☑खिलाफत आंदोलन (1919) ☑असहयोग आंदोलन (1920) ☑सविनय अवज्ञा आंदोलन(1930) ☑व्यक्तिगत सत्याग्रह 1940 ☑भारत छोड़ो आंदोलन 1942 ________________________________ ________________________________ व...